Article 255

Relations Between Union and States : Article 245-263 : Part XI

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Article 255.

Requirements as to recommendations and previous sanctions to be regarded as matters of procedure only

No Act of Parliament or of the Legislature of a State, and no provision in any such Act, shall be invalid by reason only that some recommendation or previous sanction required by this Constitution was not given, if assent to that Act was given—
(a) where the recommendation required was that of the Governor, either by the Governor or by the President;
(b) where the recommendation required was that of the Rajpramukh, either by the Rajpramukh or by the President;
(c) where the recommendation or previous sanction required was that of the President, by the President.

अनुच्छेद 255.

सिफारिशों और पूर्व मंजूरी के बारे में अपेक्षाओं को केवल प्रक्रिया के विषय मानना

यदि संसद के या 1*** किसी राज्य के विधान-मंडल के किसी अधिनियम को--
(क) जहाँ राज्यपाल की सिफारिश अपेक्षित थी वहाँ राज्यपाल या राष्ट्रपति ने,
(ख) जहाँ राजप्रमुख की सिफारिश अपेक्षित थी वहाँ राजप्रमुख या राष्ट्रपति ने,
(ग) जहाँ राष्ट्रपति की सिफारिश या पूर्व मंजूरी अपेक्षित थी वहाँ राष्ट्रपति ने,
अनुमति दे दी है तो ऐसा अधिनियम और ऐसे अधिनियम का कोई उपबंध केवल इस कारण अधिमान्य नहीं होगा कि इस संविधान द्वारा अपेक्षित कोई सिफारिश नहीं की गई थी या पूर्व मंजूरी नहीं दी गई थी।