Article 71

The Union : Article 52-151 : Part V
Chapter I.—The Executive : Article 52-78
The President and Vice-President : Article 52-73

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Article 71.

Matters relating to, or connected with, the election of a President or Voice President

(1) All doubts and disputes arising out of or in connection with the election of a President or Vice- President shall be inquired into and decided by the Supreme Court whose decision shall be final.
(2) If the election of a person as President or Vice- President is declared void by the Supreme Court, acts done by him in the exercise and performance of the powers and duties of the office of President or Vice- President, as the case may be, on or before the date of the decision of the Supreme Court shall not be invalidated by reason of that declaration.
(3) Subject to the provisions of this Constitution, Parliament may by law regulate any matter relating to or connected with the election of a President or Vice- President.
(4) The election of a person as President or Vice- President shall not be called in question on the ground of the existence of any vacancy for whatever reason among the members of the electoral college electing him.

अनुच्छेद 71.

राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति के निर्वाचन से संबंधित या संसक्त विषय

(1) राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति के निर्वाचन से उत्पन्न या संसक्त सभी शंकाओं और विवादों की जांच और विनिश्चय उच्चतम न्यायालय द्वारा किया जाएगा और उसका विनिश्चय अंतिम होगा।
(2) यदि उच्चतम न्यायालय द्वारा किसी व्यक्ति के राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति के रूप में निर्वाचन को शून्य घोषित कर दिया जाता है तो उसके द्वारा, यथास्थिति, राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति के पद की शक्तियों के प्रयोग और कर्तव्यों के पालन में उच्चतम न्यायालय के विनिश्चय की तारीख को या उससे पहले किए गए कार्य उस घोषणा के कारण ‍अधिमान्य नहीं होंगे।
(3) इस संविधान के उपबंधों के अधीन रहते हुए, राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति के निर्वाचन से संबंधित या संसक्त किसी विषय का विनियमन संसद विधि द्वारा कर सकेगी।
(4) राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति के रूप में किसी व्यक्ति के निर्वाचन को उसे निर्वाचित करने वाले निर्वाचकगण के सदस्यों में किसी भी कारण से विद्यमान किसी रिक्ति के आधार पर प्रश्नगत नहीं किया जाएगा।